भारत के न्यायलय

26-February-2019


भारत के न्यायलय

जिन उच्च न्यायलयों के अधिकार क्षेत्र मे 1 से अधिक राज्य / केंद्र शाषित प्रदेश है।

उच्च न्यायलय

अधिकार क्षेत्र

गुवाहाटी

अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मिजोरम

बम्बई

महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगरहवेली, दमन और दीव

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

केरल

केरल, लक्षद्वीप

मद्रास

तमिलनाडु, पुडुचेरी

पंजाब और हरियाणा

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़

उच्च न्यायालय और उनके न्यायपीठ

उच्च न्यायालय

न्यायपीठ

इलाहाबाद उच्च न्यायलय

लखनऊ

बंबई उच्च न्यायलय

नागपुर, पणजी, औरंगाबाद

कलकत्ता उच्च न्यायलय

पोर्टब्लेयर

गुवाहाटी उच्च न्यायलय

कोहिमा, आइजोल, ईटानगर

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय

ग्वालियर, इंदौर

मद्रास उच्च न्यायलय

मदुरै

राजस्थान उच्च न्यायलय

जयपुर

उच्च न्यायलय जिनके प्रधान पीठ राज्यों की राजधानी में स्थित नही है।

उच्च न्यायलय

प्रधानपीठ

छत्तीसगढ़

बिलासपुर

गुजरात

अहमदाबाद

केरल

कोची

मध्य प्रदेश

जबलपुर

ओडिशा

कटक

राजस्थान

जोधपुर

उत्तराखंड

नैनिताल

उत्तरप्र देश

इलाहाबाद

केंद्र शासित प्रदेश व उनके उच्च न्यायलय

केंद्र शासित प्रदेश

उच्च न्यायलय

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

कलकत्ता उच्च न्यायलय

लक्षद्वीप

केरल उच्च न्यायलय

पुडुचेरी

मद्रास उच्च न्यायलय

दादरा और नगर हवेली

बंबई उच्च न्यायलय

दमन और दीव

बंबई उच्च न्यायलय

चंडीगढ़

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायलय

दिल्ली

दिल्ली उच्च न्यायलय


याद रखने वाले कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

·       भारत का उच्चतम न्यायलय 28 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया। इससे पहले 1937-1950 भारत की संघीय अदालत कार्यरत थी।

·       उच्चतम न्यायलय में न्यायधीशों की संख्या न्यायमूर्ती एवं 30 अन्य न्यायधीश है।

·       भारत के उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीश 65 वर्ष की अधिकतम आयु तक पदधारण कर सकते हैं।

·       भारत में उच्च न्यायलयों की कुल संख्या 24 है।

·       3 उच्च न्यायलयों का उद्घाटन संबंधित राज्यों की राज्यधानियों में इस प्रकार हुआ – मेघालय और मणिपुर उच्च न्यायालय (25 मार्च, 2013) और त्रिपुरा उच्च न्यायलय (26 मार्च, 2013)

·       भारत में सबसे पुराना उच्च न्यायलय कलकत्ता उच्च न्यायलय है, जिस की स्थापना 1 जुलाई, 1862 को हुई थी। कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास उच्च न्यायलय की स्थापना 1862 मे एक राजज्ञा द्वारा हुई थी।

·       उच्च न्यायलय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष है।