भारत ने आतंकी कैम्पों पर हमला किया, प्रदेशभर में मना जश्न

26-February-2019


भारत ने आतंकी कैम्पों पर हमला किया, प्रदेशभर में मना जश्न

 

पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के रात 3:30 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LOC) के पार पाक के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में घुसकर हमला किया। 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। इसमें कई आतंकी कैंप तबाह हुए हैं। सेना के पराक्रम को सलाम करते हुए प्रदेश भर में जश्न का माहौल है। इंदौर में राजबाड़ा पर सैकड़ों लोगों ने केक काटकर ढोल की थाप पर नृत्य किया। इसके पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रैली निकाली। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर की गई कार्यवाही पर इंदौर में जश्न का दौर जारी है। सुबह विधायक रमेश मेंदोला ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मिठाई खिलाई और नंदानगर, पाटनीपुरा होते हुए सैकड़ों कार्रकर्ताओं ने रैली निकाली। इस दौरान विजयवर्गीय खुद एक्टिवा चलाकर रैली में शामिल हुए। वहीं बंगाली चौराहे और मूसाखेड़ी चौराहे पर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने पर जश्न व आतिशबाजी की गई। शाम को कमल ज्योति संकल्प अभियान की शुरुआत केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने की। इस मौके पर लोस स्पीकर और सांसद सुमित्रा महाजन, कैलाश विजयवर्गीय सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। सबसे पहले लोस स्पीकर महाजन ने केक काटकर सेना के पराक्रम को सलाम किया। इसके बाद लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाते हुए ढोल की थाप पर जमकर डांस किया।

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा - मंगलवार वायुसेना के वीर पवन पुत्र हनुमानों को मेरा प्रणाम। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साहसिक और निर्णायक नेतृत्व में IAF MCC की सटीक मारक जवाबी कार्रवाई, शांति के विरोधियों के लिए चेतावनी है, हमें हमारी सशस्त्र सेनाओं की क्षमता, शौर्य पर गर्व है।

वायुसेना सूत्रों ने कहा - भारतीय लड़ाकू विमानों ने पंजाब के आदमपुर से उड़ान भरी थी। बालाकोट, चकोटी, मुजफ्फराबाद में जैश के ठिकाने तबाह कर दिए गए। जैश का कंट्रोल रूम अल्फा-3 उड़ा दिया गया। बालाकोट पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वाह में स्थित है। हमले वाली जगह LOC से करीब 50 किलोमीटर दूर है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा फिदायीन हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।