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  • भारत ने आतंकी कैम्पों पर हमला किया, प्रदेशभर में मना जश्न
    2019-02-26


    भारत ने आतंकी कैम्पों पर हमला किया, प्रदेशभर में मना जश्न

     

    पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के रात 3:30 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LOC) के पार पाक के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में घुसकर हमला किया। 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। इसमें कई आतंकी कैंप तबाह हुए हैं। सेना के पराक्रम को सलाम करते हुए प्रदेश भर में जश्न का माहौल है। इंदौर में राजबाड़ा पर सैकड़ों लोगों ने केक काटकर ढोल की थाप पर नृत्य किया। इसके पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रैली निकाली। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर की गई कार्यवाही पर इंदौर में जश्न का दौर जारी है। सुबह विधायक रमेश मेंदोला ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय को मिठाई खिलाई और नंदानगर, पाटनीपुरा होते हुए सैकड़ों कार्रकर्ताओं ने रैली निकाली। इस दौरान विजयवर्गीय खुद एक्टिवा चलाकर रैली में शामिल हुए। वहीं बंगाली चौराहे और मूसाखेड़ी चौराहे पर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने पर जश्न व आतिशबाजी की गई। शाम को कमल ज्योति संकल्प अभियान की शुरुआत केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने की। इस मौके पर लोस स्पीकर और सांसद सुमित्रा महाजन, कैलाश विजयवर्गीय सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। सबसे पहले लोस स्पीकर महाजन ने केक काटकर सेना के पराक्रम को सलाम किया। इसके बाद लोगों ने भारत माता के जयकारे लगाते हुए ढोल की थाप पर जमकर डांस किया।

    लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा - मंगलवार वायुसेना के वीर पवन पुत्र हनुमानों को मेरा प्रणाम। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साहसिक और निर्णायक नेतृत्व में IAF MCC की सटीक मारक जवाबी कार्रवाई, शांति के विरोधियों के लिए चेतावनी है, हमें हमारी सशस्त्र सेनाओं की क्षमता, शौर्य पर गर्व है।

    वायुसेना सूत्रों ने कहा - भारतीय लड़ाकू विमानों ने पंजाब के आदमपुर से उड़ान भरी थी। बालाकोट, चकोटी, मुजफ्फराबाद में जैश के ठिकाने तबाह कर दिए गए। जैश का कंट्रोल रूम अल्फा-3 उड़ा दिया गया। बालाकोट पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वाह में स्थित है। हमले वाली जगह LOC से करीब 50 किलोमीटर दूर है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा फिदायीन हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।


     

  • भारत के न्यायलय
    2019-02-26


    भारत के न्यायलय

    जिन उच्च न्यायलयों के अधिकार क्षेत्र मे 1 से अधिक राज्य / केंद्र शाषित प्रदेश है।

    उच्च न्यायलय

    अधिकार क्षेत्र

    गुवाहाटी

    अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मिजोरम

    बम्बई

    महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगरहवेली, दमन और दीव

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

    केरल

    केरल, लक्षद्वीप

    मद्रास

    तमिलनाडु, पुडुचेरी

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़

    उच्च न्यायालय और उनके न्यायपीठ

    उच्च न्यायालय

    न्यायपीठ

    इलाहाबाद उच्च न्यायलय

    लखनऊ

    बंबई उच्च न्यायलय

    नागपुर, पणजी, औरंगाबाद

    कलकत्ता उच्च न्यायलय

    पोर्टब्लेयर

    गुवाहाटी उच्च न्यायलय

    कोहिमा, आइजोल, ईटानगर

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय

    ग्वालियर, इंदौर

    मद्रास उच्च न्यायलय

    मदुरै

    राजस्थान उच्च न्यायलय

    जयपुर

    उच्च न्यायलय जिनके प्रधान पीठ राज्यों की राजधानी में स्थित नही है।

    उच्च न्यायलय

    प्रधानपीठ

    छत्तीसगढ़

    बिलासपुर

    गुजरात

    अहमदाबाद

    केरल

    कोची

    मध्य प्रदेश

    जबलपुर

    ओडिशा

    कटक

    राजस्थान

    जोधपुर

    उत्तराखंड

    नैनिताल

    उत्तरप्र देश

    इलाहाबाद

    केंद्र शासित प्रदेश व उनके उच्च न्यायलय

    केंद्र शासित प्रदेश

    उच्च न्यायलय

    अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

    कलकत्ता उच्च न्यायलय

    लक्षद्वीप

    केरल उच्च न्यायलय

    पुडुचेरी

    मद्रास उच्च न्यायलय

    दादरा और नगर हवेली

    बंबई उच्च न्यायलय

    दमन और दीव

    बंबई उच्च न्यायलय

    चंडीगढ़

    पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायलय

    दिल्ली

    दिल्ली उच्च न्यायलय


    याद रखने वाले कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

    ·       भारत का उच्चतम न्यायलय 28 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया। इससे पहले 1937-1950 भारत की संघीय अदालत कार्यरत थी।

    ·       उच्चतम न्यायलय में न्यायधीशों की संख्या न्यायमूर्ती एवं 30 अन्य न्यायधीश है।

    ·       भारत के उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीश 65 वर्ष की अधिकतम आयु तक पदधारण कर सकते हैं।

    ·       भारत में उच्च न्यायलयों की कुल संख्या 24 है।

    ·       3 उच्च न्यायलयों का उद्घाटन संबंधित राज्यों की राज्यधानियों में इस प्रकार हुआ – मेघालय और मणिपुर उच्च न्यायालय (25 मार्च, 2013) और त्रिपुरा उच्च न्यायलय (26 मार्च, 2013)

    ·       भारत में सबसे पुराना उच्च न्यायलय कलकत्ता उच्च न्यायलय है, जिस की स्थापना 1 जुलाई, 1862 को हुई थी। कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास उच्च न्यायलय की स्थापना 1862 मे एक राजज्ञा द्वारा हुई थी।

    ·       उच्च न्यायलय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष है।


     

     

  • भोपाल में होगी अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक कान्फ्रेंस
    2019-02-25


    भोपाल में होगी अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक कान्फ्रेंस

    राजधानी स्थित सेन्ट्रल एकेडमी आफ पुलिस ट्रेनिंग (CAPT) में दो दिवसीय अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक (JAIL) कान्फ्रेंस 26 फरवरी से आयोजित की जायेगी। इस दो दिवसीय आयोजन का उद्घाटन प्रदेश के विधि-विधायी कार्य मंत्री P C SHARMA करेंगे। केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय, पुलिस अनुसंधान एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश जेल विभाग के तत्वधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सभी प्रदेशों एवं केन्द्र शासित राज्यों के विभागाध्यक्ष, डी.जी. जेल, उनके सहयोगी अधिकारी शामिल होंगे। राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एन.के. जैन मुख्य अतिथि होंगे। गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन 27 फरवरी को कॉफ्रेंस के समापन में शामिल होंगे। सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और मध्यप्रदेश के पुलिस, प्रशासन एवं न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी विशेष अतिथि होंगे।


    6वीं कांफ्रेंस: जेल महानिदेशक संजय चौधरी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा यह 6वीं अखिल भारतीय कांफ्रेंस की जा रही है। पहली बार यह कांफ्रेंस मध्यप्रदेश में हो रही है। कांफ्रेंस में देश में जेल प्रशासन के ज्वलंत मुद्दे 'रिहाई पश्चात बंदियों की देखभाल में समाज की भागीदारी एवं कारावास की वर्तमान व्यवस्था के नए विकल्प, जेलों से संबंधित मुद्दों एवं चुनौतियों के न्यूनतम मानक का अनुपालन, जेलकर्मियों की भलाई सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 


    प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी:  कॉन्फ्रेंस में जेल प्रशासन के लिए उपयोगी मशीनों एवं सुरक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में भारत इलेक्ट्रानिक्स, सिक्योरिटी डिफेंस सिस्टम, निधि इंडस्ट्री, क्राउन सोलर पॉवर, नूटेक इंडिया प्रा.लिमि. बालाजी इंटरनेशनल, लक्ष्मी टेक्स, जैसी नामी कंपनियों द्वारा स्टॉल लगाकर मशीन, उपकरण, सुरक्षा उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे।


    स्टॉल लगेंगे: कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के जेल विभाग द्वारा भी प्रदेश की जेलों में बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प सामग्री, पेंटिंग्स, वुडन कार्विंग, मूर्तियाँ, कपड़े, भैरोगढ़ प्रिंट आदि का प्रदर्शन किया जाएगा। जेलों में निर्मित सामग्री के स्टॉल में सामग्री विक्रय के लिये भी उपलब्ध होगी।


     

     

  • नीति आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षापयोगी तथ्य
    2019-02-25


    नीति आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षापयोगी तथ्य

    1. नीति आयोग भारत सरकार द्वारा 1 जनवरी, 2015 को गठित एक नई संस्थान है, जिसे योजना आयोग के स्थान पर बनाया गया है।
    2. योजना आयोग के स्थान पर नई संस्था लाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2014 को लाल किले से अपने संबोधन में की थी।
    3. नीति आयोग एक गैर संवैधानिक निकाय है।
    4. नीति आयोग का पूर्ण रूप ‘राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान’ (NITI – National Institution for Transforming India) है।
    5. नीति आयोग (मुख्यालय दिल्ली) भारत सरकार का थिंक टैंक है।
    6. नीति आयोग, योजना आयोग की तरह कोई वित्तीय आवंटन नहीं करता है।
    7. नीति आयोग का प्राथमिक कार्यसामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों पर सरकार को सलाह देने का है ताकि सरकार ऐसी योजना का निर्माण करे जो लोगों के हित में हो।
    8. नीति आयोग के लिए 13 सूत्री उद्देश्य रखे गये हैं।
    9. नीति आयोग की संरचना में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीईओ (CEO), पूर्णकालिक सदस्य (Full Time Member), पदेन सदस्य (Ex-Officer Members), शासी परिषद् तथा विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल है।
    10. नीति आयोग का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है।
    11. नीति आयोग के अध्यक्ष (प्रथम) नरेन्द्र मोदी है।
    12. नीति आयोग के उपाध्यक्ष की नियुक्ति प्रधानमंत्री करता है।
    13. उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।
    14. सीईओ भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी होते है जिसे निश्चित कार्य काल के लिए प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है।
    15. नीति आयोग के प्रथम उपाध्यक्ष अरविन्द्र पनगडि़या थे।
    16. नीति आयोग के प्रथम सीईओ सिन्धुश्री खुल्लर थे।
    17. पूर्णकालिक सदस्यो की संख्या पाँच होती है जिन्हे राज्य मंत्री के बराबर दर्जा प्राप्त होता है।
    18. पदेन सदस्य की अधिकतम संख्या चार होती है जो प्रधानमंत्री द्वारा नामित होते हैं।
    19. शासी परिषद् (Governing Council) में भारत के सभी मुख्य मंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल / प्रशासक शामिल होते हैं।
    20. विशेष आमंत्रित सदस्‍य में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होते हैं जिन्हे प्रधानमंत्री द्वारा नामित किया जाता है।
    21. नीति आयोग के क्रियान्वयन का दायित्व केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर होता है।
    22. योजनाओं को अंतिम स्वीकृति राष्टीय विकास परिषद् (NDC) देता है।
    23. नीति आयोग के वर्तमान अध्यक्ष –  नरेंद्र मोदी
    24. नीति आयोग के वर्तमान उपाध्यक्ष –  डाँ राजीव कुमार
    25. नीति आयोग के वर्तमान CEO –  अभिताभ कांत
    26. नीति आयोग के वर्तमान पूर्णकालिक सदस्य –  रमेंश चंद , बी के सारस्वत , विवेक देवरायडाँ वी के पाल

     

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठन : मुख्यालय और प्रमुख
    2019-02-24


    अंतर्राष्ट्रीय संगठनमुख्यालय और प्रमुख

    अंतरराष्ट्रीय संगठन

    मुख्यालय

    अध्यक्ष / महा सचिव

    एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक (एआईआईबी)

    बीजिंग, चीन

    जिन लीकुन

    नया विकास बैंक (ब्रिक्स विकास बैंक)

    शंघाई, चीन

    के.वी, कामथ

    एशियाई विकास बैंक (एडीबी)

    मंदालुयोंग, फिलीपींस

    लेहिको नाकाओ

    अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)

    वाशिंगटन डीसी, यू.एस.

    क्रिस्टीन लैगार्डे (एमडी)

    विश्व बैंक

    वाशिंगटन डीसी, यू.एस.

    जिम योंग किम

    संयुक्त राष्ट्र संगठन (संयुक्त राष्ट्र)

    न्यूयॉर्क, यू.एस.

    एंटोनियो जीटरस (महासचिव)

    संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए)

    न्यूयॉर्क, यू.एस.

    मिरोस्लावलैजक

    संयुक्त राष्ट्र बाल फंड (यूनिसेफ)

    न्यूयॉर्क, यू.एस.

    एंथनी झील (कार्यकारी निदेशक)

    व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (अंकटाड)

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    -

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    टेडरोस अदधनम (महानिदेशक)

    विश्व आर्थिक मंच

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    क्लाउस श्वाब

    अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ)

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    गाय रायडर (महानिदेशक)

    विश्व व्यापार संगठन

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    रॉबर्टो एज़ेवेडो

    विश्व मौसम विज्ञान संगठन

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    -

    विश्व बौद्धिक संपदा संगठन

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    -

    रेडक्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति

    जिनेवा, स्विट्जरलैंड

    -

    संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को)

    पेरिस, फ्रांस

    ऑड्रे एज़ोले (महानिदेशक)

    आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी)

    पेरिस, फ्रांस

    जोस एंजेल गुरिरिया (महासचिव)

    अंतर्राष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी

    वियना, ऑस्ट्रिया

    युकिया अमानो

    पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (ओपेक)

    वियना, ऑस्ट्रिया

    मोहम्मद बार्किंडो (महासचिव)

    अंतराष्ट्रीय एम्नेस्टी

    लंदन, यूके

    कुमी नायडू (महासचिव)

    अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन

    लंदन, यूके

    -

    राष्ट्रों का राष्ट्रमंडल

    लंदन, यूके

    हेड – क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय

    सचिव-जनरल- पेट्रीसिया स्कॉटलैंड

    दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग के लिए एसोसिएशन (सार्क)

    काठमांडू, नेपाल

    अमजद हुसैन बी, सियाल (महासचिव)

    दक्षिण पूर्वी राष्ट्र संघ (एशियान)

    जकार्ता, इंडोनेशिया

    अध्यक्ष- रॉड्रिगो ड्यूटेटे

    महासचिव- ल लुओंग मिन्ह

    एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी)

    सिंगापुर

    -

    उत्तरी अटलांटिक संधिसंगठन (नाटो)

    ब्रुसेल्स, बेल्जियम

    जेन्स स्टोलबेनबर्ग

    अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी)

    दुबई, यूएई

    अध्यक्ष – जहीर अब्बास

    सभापति – शशांक मनोहर

    खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ)

    रोम, इटली

     

    अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय

    दहेग, दनेदरलैंड

    अब्दुलकुकी यूसुफ

    अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति

    लॉज़ेन, स्विटज़रलैंड

    थॉमस बाक

    फ़ेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा)

    ज़्यूरिख, स्विट्ज़रलैंड

     गिएननी इन्फैंटिनो

    प्रकृति के लिए वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ)

    एवेन्यू डु मोंट-ब्लैंक, ग्लैंड, वोद, स्विटजरलैंड

    -

    बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (बिम्सटेक)

    ढ़ाका, बाग्लादेश

     

    विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी

    मॉट्रियल, कनाडा

    क्रेग रीडे

    बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट

    बसेल, स्विट्ज़रलैंड

    -

  • भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध पार्ट-2
    2019-02-24


    भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध पार्ट-2

    1. हल्दी घाटी का युद्ध (Battle of Haldi ghati)– समय : 1576 ई.
      किसके बीच – अकबर और राणाप्रताप के बीच, इसमें राणाप्रताप की हार हुई।
    2. प्लासी का युद्ध (Battle of Plassey)– समय : 1757 ई.
      किसके बीच – अंग्रेजो और सिराजुद्दौला के बीच, जिसमे अंग्रेजो की विजय हुई और भारत में अंग्रेजी शासन की नीव पड़ी।
    3. वांडीवाश का युद्ध (Battle of Wandiwash)– समय : 1760 ई.
      किसके बीच – अंग्रेजो और फ्रांसीसियो के बीच, जिसमे फ्रांसीसियो की हार हुई।
    4. पानीपत का तृतीय युद्ध (Third Battle of Panipat)– समय : 1761 ई.
      किसके बीच – अहमदशाह अब्दाली और मराठो के बीच, जिसमे फ्रांसीसियों की हार हुई।
    5. बक्सर का युद्ध (Battle of Buxar)– समय : 1764 ई.
      किसके बीच – अंग्रेजो और शुजाउद्दौला, मीरकासिम एवं शाहआलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच, जिसमे अंग्रेजो की विजय हुई।
    6. प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध– समय : 1767-69 ई.
      किसके बीच – हैदर अली और अंग्रेजो के बीच, जिसमे अंग्रेजो की हार हुई।
    7. द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध– समय : 1780-84 ई.
      किसके बीच – हैदरअली और अंग्रेजो के बीच, जो अनिर्णित छूटा।
    8. तृतीय आंग्लमैसूर युद्ध– समय : 1790 ई.
      किसके बीच – टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच लड़ाई संधि के द्वारा समाप्त हुई।
    9. चतुर्थ आंग्लमैसूर युद्ध– समय : 1799 ई.
      किसके बीच – टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच, टीपू की हार हुई और मैसूर शक्ति का पतन हुआ।
    10. चिलियान वाला युद्ध– समय : 1849 ई.
      किसके बीच – ईस्ट इंडिया कंपनी और सिखों के बीच हुआ था जिसमे सिखों की हार हुई।
    11. भारत चीन सीमा युद्ध (Indian-China War)– समय : 1962 ई.
      किसके बीच – चीनी सेना द्वारा भारत के सीमा क्षेत्रो पर आक्रमण। कुछ दिन तक युद्ध होने के बाद एक पक्षीय युद्ध विराम की घोषणा। भारत को अपनी सीमा के कुछ हिस्सों को छोड़ना पड़ा।
    12. भारत पाकिस्तान युद्ध (Indian-Pakistani War) – समय : 1965 ई.
      किसके बीच – भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जिसमे पाकिस्तान की हार हुई। भारत पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता हुआ।
    13. भारत पाकिस्तान युद्ध (Indian-Pakistani War)– समय : 1971 ई.
      किसके बीच – भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जिसमे पाकिस्तान की हार हुई। फलस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतन्त्र देश बना।
    14. कारगिल युद्ध (Kargil War)– समय : 1999 ई.
      किसके बीच – जम्मू एवं कश्मीर के द्रास और कारगिल क्षेत्रो में पाकिस्तानी घुसपैठियों को लेकर हुए युद्ध में पुनःपाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा और भारतीयों को जीत मिली।

     

  • भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध पार्ट-1
    2019-02-24


    भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध पार्ट-1

    1. हाईडेस्पीज का युद्ध (Battle of the Hydaspes)– समय : 326 ई.पू.
      किसके बीच – सिकंदर और पंजाब के राजा पोरस के बीच हुआ, जिसमे सिकंदर की विजय हुई।
    2. कलिंग की लड़ाई (Kaling War)– समय : 261 ई.पू.
      किसके बीच – सम्राट अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया। युद्ध के रक्तपात को देखकर उसने युद्ध न करने की कसम खाई।
    3. सिंध की लड़ाई– समय : 712 ई.
      किसके बीच – मोहम्मद कासिम ने अरबों की सत्ता स्थापित की।
    4. तराईन का प्रथम युद्ध (Battles of Tarain)– समय : 1191 ई.
      किसके बीच – मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ, जिसमे चौहान की विजय हुई।
    5. तराईन का द्वितीय युद्ध (2nd Battles of Tarain)– समय : 1192 ई.
      किसके बीच – मोहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान के बीच हुआ, जिसमे मोहम्मद गौरी की विजय हुई।
    6. चंदावर का युद्ध (Battle of Chandawar)– समय : 1194 ई.
      किसके बीच – इसमें मुहम्मद गौरी ने कन्नौज के राजा जयचंद को हराया।
    7. पानीपत का प्रथम युद्ध (First Battle of Panipat )– समय : 1526 ई.
      किसके बीच – मुग़ल शासक बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच।
    8. खानवा का युद्ध (Battle of Khanwa)– समय : 1527 ई.
      किसके बीच – बाबर ने राणासांगा को पराजित किया।
    9. घाघरा का युद्ध (Battle of Ghaghra)– समय : 1529 ई.
      किसके बीच – बाबर ने महमूद लोदी के नेतृत्व में अफगानों को हराया।
    10. चौसा का युद्ध (Battle of Chausa)– समय : 1539 ई.
      किसके बीच – शेरशाह सूरी ने हुमायु को हराया
    11. कन्नौज /बिलग्राम का युद्ध (Battle of Kannauj or Billgram)– समय : 1540 ई.
      किसके बीच – एक बार फिर से शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को हराया व भारत छोड़ने पर मजबूर किया।
    12. पानीपत का द्विती ययुद्ध (Second Battle of Panipat)– समय : 1556 ई.
      किसके बीच – अकबर और हेमू के बीच।
    13. तालीकोटा का युद्ध (Battle of Tallikota)– समय : 1565 ई.
      किसके बीच – इस युद्ध से विजय नगर साम्राज्य का अंत हो गया।

     

     

  • भारत रत्न 2019 : विजेताओं की सूची
    2019-02-22


    भारत रत्न 2019 : विजेताओं की सूची

    राष्ट्रपति भवन की ओर से 25 जनवरी 2019 को जारी जानकारी में घोषणा की गई कि वर्ष 2019  में तीन हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जायेगा. इस घोषणा में -

      1. प्रणब मुखर्जी
      2. भूपेन हजारिका (मरणोपरांत)
      3. नानाजी देशमुख (मरणोपरांत)

    को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई।

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मशहूर संगीत कार भूपेन हजारिका और RSS से जुड़े नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया । राष्ट्रपति भवन से जारी बयान में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा ।


     

    भारत रत्न

    भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और यह सम्मान असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है, पहले इस में खेल को शामिल नहीं किया गया था लेकिन बाद में इसे सूची में शामिल किया गया है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी।

    प्रारंभ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन वर्ष 1955 में बाद में यह प्रावधान जोड़ा गया। इसके चलते यह सम्मान लोगों को मरणोपरांत भी दिया जाने लगा है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही 'भारत रत्न' दिया जा सकता है। सबसे पहले 1954 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इस पदक में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बनाया गया है, जिसके नीचे चाँदी में ‘भारत रत्न’ उकेरित है, यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहनाया जाता है।


    1. प्रणब मुखर्जी के बारे में जानकारी

      • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के किरनाहर शहर के एक छोटे से गांव मिराटी (मिराती) में 11 दिसम्बर 1935 को हुआ था।

      • मुखर्जी के राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई जब वह पहली बार राज्य सभा सांसद बने।

      • तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें 35 वर्ष की अवस्था में वर्ष 1969 में राज्य सभा का सदस्य मनोनीत किया गया।

      • इसके बाद वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए, वर्ष 1974 में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री बने है।

      • इसके बाद राष्ट्रपति बनने तक आठ बार कैबिनेट मंत्री रहे, उन्होंने इस दौरान वित्त, विदेश, रक्षा और वाणिज्य जैसे मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।

      • प्रणब मुखर्जी 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक राष्ट्रपति पद पर रहे।
    2. भूपेन हज़ारिका के बारे में जानकारी

      • भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था, वे अपने 10 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे, भूपेन का बचपन गुवा‌हाटी में ही बीता था।

      • मात्र 10 वर्ष की आयु में 1936 में भूपेन हज़ारिका ने कोलकाता में अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था।

      • हज़ारिका ने ज्योतिप्रसाद की फिल्म 'इंद्रमालती' में दो गाने गाए थे, मात्र 13 साल की उम्र में हजारिका ने अपना पहला गाना लिखा था. यहीं से उनके सिंगर, कंपोजर और लिरिसिस्ट बनने का सफर शुरू हो गया ‌था।

      • वर्ष 1942 में भूपेन ने आर्ट से इंटर की पढ़ाई पूरी की थी इस के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से उन्होंने MA किया था।

      • उन्होंने 'रुदाली', 'मिल गई मंजिल मुझे', 'साज', 'दरमियां', 'गजगामिनी', 'दमन' और 'क्यों' जैसी सुपरहिट फिल्मों में गीत दिए, हज़ारिका ने अपने जीवन में एक हजार गाने और 15 किताबें लिखीं।

      • म्यूजिक के क्षेत्र में उनके अद्भुत योगदान के लिए उन्हें 1975 में राष्ट्रीय पुरस्कार और 1992 में सिनेमा जगत के सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें 2011 में पद्मभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
    3. नानाजी देशमुख के बारे में जानकारी

      • नानाजी देशमुख का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को हुआ था, वे एक भारतीय समाज सेवी थे।

      • उनका आरंभिक जीवन संघर्षों में बीता, उन्होंने पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा प्राप्त की, बाद में 1930 के दशक में वे RSS में शामिल हो गये थे।

      • नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ से जुड़े थे, वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवनभर दीनदयाल शोध संस्थान के अंतर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार के लिए कार्य करते रहे।

      • अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्य सभा का सदस्य मनोनीत किया था। वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालंबन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए पद्मविभूषण भी प्रदान किया।

      • उनका निधन 27 फरवरी 2010 को चित्रकूट में हुआ।

     

  • अंतरिम बजट 2019-20 : बजट की मुख्य विशेषताएं
    2019-02-22


    अंतरिम बजट 2019-20 : बजट की मुख्य विशेषताएं

    देशका 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है।

    मुख्य बिन्दुओं पर आने से पहले जान लेते हैं कि अंतरिम बजट क्या होता है?

    अंतरिम बजट का मतलब

    भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में व्यवस्था है कि सरकार संसद में अपने आय और व्यय का लेख जोखा रखता कि देश को पता चल सके किस सरकार ने पिछले साल कितना धन खर्च किया और कितना हासिल किया है, इसके साथ ही यह भी बताना होता है कि अगले वित्तवर्ष के लिये आय और व्यय के सम्बन्ध में सरकार की क्या योजना है।

    संविधान के मुताबिक केन्द्र सरकार पूरे एक साल के अलावा आंशिक समय के लिए भी यह लेखा-जोखा संसद में पेश कर सकती है, यदि सरकार अपने राजस्व और खर्च का यह लेखा-जोखा कुछ माह के लिए पेश करे तो उसे अंतरिम बजट अथवा वोट ऑन अकाउंट की संज्ञा दी जाती है. अंतरिम बजट को लेखा अनुदान मांग और मिनी बजट भी कहते हैं, पत्रकारों की भाषा में इसे चुनावी बजट भी कहा जाता है।

    अर्थात अंतरिम बजट चुनावी वर्ष में एक प्रकार की आर्थिक व्यवस्था है जिसके तहत सरकार बनने तक सरकारी खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता पूरी की जाती है,  नई सरकार बनाने के लिए जो समय होता है, उस अवधि के लिए अंतरिम बजट संसद में पेश किया जाता है। इस बजट में कोई भी ऐसा फैसला नहीं लिया जाता है जिसमें ऐसे नीतिगत फैसले हों, जिसके लिए संसद की मंजूरी लेनी पड़े या फिर कानून में संशोधन की जरूरत हो।

    आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में।

    इस बजट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं

    1. सरकार ने प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है, यह योजना 1 दिसम्बर 2018 से लागू होगी। इस योजना में 6000 रुपये प्रतिवर्ष उन किसानों को दिया जायेगा जिन के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन है, इस योजना पर आने वाला 75 हजार करोड़ का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी. इस योजना से लगभग 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा।
    2. काम धेनु योजना को शुरू किया गया है. इस योजना पर 750 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे, गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयो की स्थापना की जाएगी।
    3. सैनिकों को दिए जाने वाले बोनस को 3500 रुपए से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दिया गया है।
    4. आंगनवाडी योजना मेंकाम करने वाले सभी कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय में 50% की वृद्धि कर दी गयी है।
    5. अब तक उज्ज्वला योजना में दिए गए गैस कनेक्शनों की संख्या को 8 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है, अब देश में 6 करोड़ लोगों को उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन दिए जा चुके है।
    6. गर्भवती महिलायों के लिए मातृ वंदना योजना शुरू की गयी है।
    7. घरेलू कामगारों के लिए 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन' नाम से मजदूरों के लिए पेंशन योजना, 10 करोड़ असंगठित मजदूरों को इस पेंशन स्कीम का लाभ मिलेगा, 21 हजार तक वेतन वाले मजदूरों का बोनस 7 हजार रुपए होगा।
    8. सरकार ने सैलरीड क्लास को बड़ा तोहफा देते हुए टैक्स छूट की सीमा 2.5 सेबढ़ाकर 5 लाख कर दी है, अब अन्य डिडक्शन के साथ 6.5 लाख तक की सैलरी पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा, स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है।
    9. वर्ष 2019-20 में वित्तीय घाटा जीडीपी के 3.4 फीसदी रहने का अनुमान जब कि अगले वर्ष इसके 3.1% रहने का अनुमान है।
    10. प्रधानमंत्री श्रम योगी मनधन योजना के तहत 60 साल की उम्र पार कर चुके मजदूरों को प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से हर महीने 3000 रुपये पेंशन के तौर पर दिए जायेंगे।
    11. देश में टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या बढ़कर 6 करोड़ 85 लाख हुई, टैक्स कलेक्शन 12 लाख करोड़ रुपये हुआ है, इस समय देश में औसतन है GST कलेक्शन 97100 करोड़ रुपये है।

     

  • भारत के वर्तमान कैबिनेट मंत्रियों की सूची
    2019-02-20


    भारत के वर्तमान कैबिनेट मंत्रियों की सूची

    केबिनेट मंत्री

     

    पोर्टफोलियो

    मंत्रियों के नाम

    चुनाव क्षेत्र

    कर्मचारी, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग

    नरेंद्र मोदी

    वाराणसी, उत्तर प्रदेश

    गृह मंत्रालय

    राजनाथ सिंह

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश

    विदेश मंत्रालय

    सुषमा स्वराज

    विदिशा, मध्य प्रदेश

    वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

    सुरेश प्रभु

    आंध्र प्रदेश, राज्य सभा

    वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय

    अरुण जेटली

    उत्तर प्रदेश, राज्य सभा

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नौवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प

    नितिन जयराम गडकरी

    नागपुर, महाराष्ट्र

    सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय

    डी. वी. सदानंद गौड़ा

    बेंगलुरु उत्तर, कर्नाटक

    पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय

    उमा भारती

    झाँसी, उत्तर प्रदेश

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

    डॉ. हर्षवर्धन

    चांदनी चौक, दिल्ली

    उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

    रामविला पासवान

    हाजीपुर, बिहार

    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

    मेनका संजय गांधी

    पीलीभीत, उत्तर प्रदेश

    रसायन और उर्वरक, संसदीय कार्य मंत्रालय

    अनंत कुमार

    बेंगलुरू दक्षिण, उत्तर प्रदेश

    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून और न्याय मंत्रालय

    रवि शंकर प्रसाद

    बिहार, राज्य सभा

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय

    जगत प्रकाश नड्डा

    राज्य सभा, हिमाचल प्रदेश

    इस्पात मंत्रालय

    चौधरीबिरेंद्रसिंह

    हरियाणा, राज्य सभा

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय

    सुरेशप्रभु

     आंध्र प्रदेश, राज्य सभा

    भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय

    अनंत गीते

    रायगढ़, महाराष्ट्र

    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

    हरसिमरत कौर बादल

    बठिंडा, पंजाब

    ग्रामीण विकास, पंचायती राज, खान मंत्रालय

    नरेंद्र सिंह तोमर

    ग्वालियर, मध्य प्रदेश

    जनजातीय मामलों के मंत्रालय

    जुआल ओरम

    सुंदरगढ़, ओडिशा

    कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय

    राधा मोहन सिंह

    पूर्वी चंपारण, बिहार

    कपड़ा मंत्रालय

    स्मृती जुबिन ईरानी

    गुजरात, राज्य सभा

    सूचना और प्रसारण मंत्रालय

    राज्यवर्धन राठौर

    जयपुर ग्रामीण, राजस्थान

    सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

    थावर चंद गहलोत

    मध्य प्रदेश, राज्य सभा

    मानव संसाधन विकास मंत्रालय

    प्रकाश जावड़ेकर

    महाराष्ट्र, राज्य सभा

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय

    धर्मेंद्र प्रधान

    मध्य प्रदेश, राज्य सभा

    कोयला, रेलवे मंत्रालय

    पीयूष गोयल

    महाराष्ट्र, राज्य सभा

    रक्षा मंत्रालय

    निर्मला सीतारमण

    कर्नाटक, राज्य सभा

    अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय

    मुख्तार अब्बास नकवी

    झारखंड, राज्य सभा

     


     

    राज्‍य मंत्रियों की सूची (स्‍वतंत्र प्रभार)

    राज्य मंत्री  (स्वतत्र प्रभार)

     

    पोर्टफोलियो

    मंत्री का नाम

    योजना मंत्रालय

    इंद्रजीत सिंह राव

    श्रम तथा रोजगार मंत्रालय

    संतोष कुमार गंगवार

    आयुष विभाग

    श्रीपद येस्‍सो नायक

    उत्‍तर-पूर्वी क्षेत्र विभाग मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय

    डॉ. जितेन्‍द्र सिंह

    संस्‍कृति मंत्रालय, पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

    डॉ. महेश शर्मा

    सूक्ष्‍म, लघु तथा मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

    गिरीराज सिंह

    संचार मंत्रालय

    मनोज सिन्‍हा

    यूवा मामला तथा खेल मंत्रालय

    राज्‍यवर्धन सिंह राठौड़

    ऊर्जा, नईं तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

    राज कुमार सिंह

    आवास तथा शहरी मामला मंत्रालय

    हरदीप सिंह पुरी

    पर्यटन मंत्रालय

    अल्‍फोंसन कन्‍ननथनम

     


     

    राज्‍य मंत्रियों की सूची

    राज्य मंत्री (महत्वपूर्ण)

     

    पोर्टफोलियो

    मंत्री का नाम

    विदेश मंत्रालय

    वी.के. सिंह

    गृह मंत्रालय

    किरण रिजीजू

    स्वास्थ तथा परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    अनुप्रिया पटेल

    श्री अरूण राम मेघवाल, संसदीय मामला, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा कायाकल्प

    अर्जुन राम मेघवाल

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय

    जयंत सिन्‍हा

    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगि की मंत्रालय

    एस.एस.अहलूवालिया